काशीपुर। 29 अप्रैल 2024 उत्तराखंड सरकार ने उत्तराखंड में बिजली दरों में बढ़ोतरी कर उत्तराखंड की जनता के साथ कुठाराघात किया है। यह बात प्रेस को जारी अपने बयानों में प्रदेश सचिव जितेंद्र सरस्वती ने कही। उन्होंने प्रदेश सरकार पर बिजली दरों में बढ़ोतरी करने पर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विद्युत दरों में बढ़ोतरी कर उत्तराखंड सरकार ने गर्मी के दिनों में उपभोक्ताओं के लिए आग में घी डालने का काम किया है।

श्री सरस्वती ने कहा कि उत्तराखंड में बिजली दरों में करीब 7% की बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं के हितों पर कुठाराघात होगा । ऊर्जा प्रदेश में भी ऊर्जा की कमी, माथे पर पसीना लाने का काम करता है। बिजली के दामों में बढ़ोतरी से जहां उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण बढ़ेगा वहीं लोगों का व्यापार भी प्रभावित होगा, इस साल यूपीसीएल ने बिजली खरीद पर सालाना 1281 करोड़ का हवाला देते हुए बिजली दरों में 23 से 27% की बढ़ोतरी की मांग की, कांग्रेसी नेता सरस्वती ने आरोप करते हुए कहा कि आखिर उत्तराखंड की भाजपा सरकार किस आधार पर बिजली के दामों में 8 से 11 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने जा रही है ? उत्तराखंड में विद्युत परियोजनाओं का जाल होने के बावजूद सरकार द्वारा विद्युत की दरों में बढ़ोतरी चोर की दाढ़ी में तिनके की ओर इशारा करती है। पीसीसी सचिव सरस्वती ने कहा कि घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक बिजली खर्च करने पर 25 पैसे, 101 से 200 यूनिट पर 30 पैसे, 201 से 400 यूनिट तक 40 पैसा प्रति यूनिट के बढ़ोतरी की गई है जो कि गलत है।गर्मी के महीने में बिजली उपभोक्ताओं का पसीना निकालने पर भाजपा सरकार आखिर क्यों अतुर है।
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