काशीपुर किसानों द्वारा भारत बंद के आह्वान पर काशीपुर विधानसभा क्षेत्र मैं किसानों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच किसानों ने मुरादाबाद रोड स्थित ढेला पुल पर जाम लगा दिया। जिससे घंटो आवागमन बंद रहा विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने किसी को आने जाने नहीं दिया। जबकि मरीजों की एंबुलेंस को को तथा शादी में जा रही बरात को प्रदर्शनकारी किसानों ने नहीं रोका। इसके अलावा किसानों ने अन्य किसी भी व्यक्ति को या वाहन को फुल क्रॉस नहीं करने दिया। यही नहीं इसके अलावा बैल जोड़ी पुल पर भारी मात्रा में क्षेत्रीय किसान

एकत्रित हुए। जिन्होंने पुल पर से गुजरने वाले वाहनों को रोक दिया। जिससे करीब तीन-चार घंटे जाम लगा रहा। और रोड पर दोनों साइडों में लंबी-लंबी कतारों में वाहन खड़े दिखाई दिए। जबकि मौके पर पुलिस भी मौजूद रही। परंतु प्रदर्शन कर रहे किसानों ने पुलिस की भी बिल्कुल नहीं सुनी। तो वही शहर में बंदी का असर साफ तौर पर दिखाई दिया। नगर में चारों तरफ दुकानें बंद थी और सन्नाटा पसरा हुआ था। जिसे देखकर साफ प्रतीत हो रहा था। की किसानों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का सभी वर्ग के लोगों ने खुलकर समर्थन किया है। अब बड़ी बात यह है। कि क्या केंद्र सरकार किसानों की मांग को पूरा करते हुए क्या केंद्र सरकार कृषि विधायक बिलों को वापस लेगी या नहीं यह तो आने वाला समय ही बताएगा। परंतु किसानों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन की गूंज देशभर में साफ तौर पर देखी जा रही है।

जिससे कहीं ना कहीं आम आदमी से लेकर हर वर्ग किसानों के फेवर में खड़ा हुआ नजर आ रहा है। परंतु भारत बंदी के आह्वान के बाद बावजूद भी जो लोग अपने वाहनों को लेकर मार्गों पर निकले थे। उनका घरों से निकलना उनके लिए अपराध सिद्ध हो गया। क्योंकि रास्तों में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने उन्हें आने जाने ही नहीं दिया। जिससे उन्हें रोड के किनारे पर ही 3 से 4 घंटे लंबी-लंबी लाइनों में खड़े होकर बिताने पड़े। किसानों की बात को सरकार सुनती है। या नहीं यह अलग बात है। परंतु आज किसानों ने भारत बंदी के आह्वान पर यह सिद्ध कर दिया है। जिससे कि आम आदमी भी सोचने को मजबूर हो गया है। कि किसान अगर विरोध कर रहा है। तो कोई ना कोई कारण जरूर होगा।
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
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