उधम सिंह नगर। 10 जून 2025 जिला पंचायत तथा क्षेत्र पंचायत एवं ग्राम पंचायतो को अब प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है। बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने तृतीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयार यहां पूरी कर ली हैं और जुलाई माह में तृतीय पंचायत चुनाव सरकार कर सकती है। उसी को लेकर सरकार ने अब जिला पंचायत क्षेत्र पंचायत एवं ग्राम पंचायत को प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले कर दिया है। जिलाधिकारी उधम सिंह नगर ने मीडिया को जारी अपने बयानों में बताया कि पंचायतीराज अनुभाग-1, उत्तराखण्ड शासन, देहरादून की अधिसूचना संख्या 305002 / XII (1)/2025/86/(15) 2013/ई-68985 दिनांक 09 जून, 2025 के द्वारा प्रसारित अधिसूचना में उल्लेख किया गया है।

कि वर्ष 2019 में गठित प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों (जनपद हरिद्वार हरिद्वार को छोडकर) का कार्यकाल समाप्त होने के दृष्टिगत उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम-2016 की धारा-130 (6) में उपबन्धित व्यवस्था के अन्तर्गत शासन की अधिसूचना कमशः संख्या 256316 / XII (1)/2024-86 (15) 2013/ ई-68985 दिनांक 26.11.2024 एवं संख्या 260830 दिनांक 12.12.2024 के द्वारा ग्राम पंचायतों, अधिसूचना संख्या 256318/XII (1)/2024-86/(15) 2013/ई-68985 दिनांक 26.11.2024 एवं संख्या 260829 दिनांक 12.12.2024 के द्वारा क्षेत्र पंचायतों एवं अधिसूचना संख्या 257503/XII (1)/2024-86/ (15) 2013/ ई-68985 दिनांक 30.11.2024 के द्वारा जिला पंचायतों के कार्यकाल समाप्ति की तिथि से छः मास से अनधिक अवधि के लिए अथवा नवीन पंचायतों के गठन तक जो भी पहले हो, प्रशासकों को नियुक्त करने हेतु सम्बन्धित जनपद के जिलाधिकारी /जिला मजिस्ट्रेट को प्राधिकृत किया गया है।
2-प्रदेश की पंचायतों (जनपद हरिद्वार को छोडकर) में उक्तानुसार नियुक्त प्रशासकों का कार्यकाल ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत में कमशः दिनांक 27.05.2025, दिनांक 29.05.2025 एवं दिनांक 01.06.2025 को समाप्त हो चुका है एवं अति अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण त्रिस्तरीय पंचायतों का सामान्य निर्वाचन, उपरोक्त पैरा-1 में वर्णित प्रशासकों के कार्यकाल समाप्ति की तिथि से पूर्व कराया जाना साध्य नहीं हो सका है।
3-ऐसी अपरिहार्य परिस्थिति में प्रदेश में माह जुलाई, 2025 में प्रस्तावित आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (जनपद हरिद्वार को छोडकर) प्रक्रिया सम्पन्न होने तक नवीन पंचायतों के गठन तक की तिथि तक, अथवा दिनांक 31 जुलाई, 2025 (जो भी पहले हो) तक कार्यहित, जनहित एवं पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू संचालन किये जाने हेतु प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों (जनपद हरिद्वार को छोडकर) में, उपरोक्त पैरा-1 में वर्णित प्रशासकों के स्थान पर निम्नवत् अधिकारियों को अधिकृत किया गया है :-
(क) जिला पंचायतों में,सम्बन्धित जिलाधिकारी / जिला मजिस्ट्रेट
(ख) क्षेत्र पंचायतों में,सम्बन्धित उपजिलाधिकारी (अपनी क्षेत्राधिकारिता में)
(ग) ग्राम पंचायतों में,सम्बन्धित विकास खण्ड में तैनात सहायक विकास अधिकारी (पंचायत)
बता दे की जुलाई माह में सरकार तृतीय पंचायत चुनाव कर सकती है जिसको लेकर सरकार ने तैयारी पूरी कर ली हैं।
पंचायत में ओबीसी आरक्षण के लिए पूर्व में एकल सदस्यीय समर्पित आयोग गठित किया गया था।जिसने अपनी रिपोर्ट पूर्व में ही सरकार को सौंप दी थी।ऐसे में राज्य सरकार इस आयोग की रिपोर्ट का परीक्षण करवाना चाहती थी।जिसके चलते मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया गया।
आरक्षण की स्थिति को देखें तो मौजूदा समय में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए 22% का आरक्षण तय है।संवैधानिक रूप से 50% से ज्यादा आरक्षण किसी भी दशा में नहीं दिया जा सकता। इस लिहाज से देखे तो पंचायत चुनाव में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) को 28% से ज्यादा का आरक्षण मिलने की उम्मीद नहीं है।
माना जा रहा है कि उप समिति ने एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की रिपोर्ट का परीक्षण कर लिया है। इस पर अंतिम निर्णय भी ले लिया है। ऐसे में मंत्रिमंडलीय उप समिति द्वारा ओबीसी आरक्षण को लेकर समर्पित आयोग की रिपोर्ट पर लिए गए निर्णय से जुड़ी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। उम्मीद है कि मंत्रिमंडलीय उप समिति सोमवार को अपनी रिकमेंडेशन मुख्यमंत्री को सौंपेगी।हालांकि इसके बाद अंतिम निर्णय प्रस्ताव के रूप में 11 जून को होने वाली कैबिनेट की बैठक में रखा जा सकता है। जिस पर अंतिम फैसला होगा।परंतु सरकार उच्च न्यायालय के दबाव को देखते हुए जुलाई माह में चुनाव कर सकती है।
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
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