जसपुर। 12 जून 2025 ठेकेदारों और पेय जल निगम के अधिकारियों की मिली भगत से जल जीवन योजना धराशाई होती दिखाई दे रही है सरकार के करोड़ों रुपए खर्च के बाद भी ग्रामीणों को पीने योग शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा इसे अधिकारियों की लापरवाही कहेंगे या जानबूझकर समय बिताया जा रहा है जिससे कि समय ज्यादा बीत जाने के बाद भ्रष्टाचार दब जाए किसी के सामने कोई बात उजागर ना हो सके इसलिए बार-बार शिकायत करने के बाद भी ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। बता दें कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल हर घर जल योजना से 3 ग्राम पंचायत भरतपुर ग्राम पंचायत श्याम नगर और ग्राम पंचायत हजिरो में ठेकेदार और उत्तराखंड पेय जल निगम के अधिकारी और कर्मचारी जल जीवन मिशन योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा कर व्यारे न्यारे कर उत्तराखंड सरकार को करोड़ों रुपयों का चूना लगा कर खुद चांदी काट रहे हैं। ग्राम पंचायत भरतपुर में 4 करोड़ 80 लाख 42 हजार रुपए से लगाई गई पानी की टंकी ग्रामीणों के लिए हवा हवाई साबित हो रही है। क्योंकि ग्राम पंचायत में ट्यूबवेल बोरिंग करने में 82 लख रुपए की लागत आई है।

तो वही ग्राम पंचायत श्याम नगर में एक करोड़ 74 लाख 55 हजार रुपए की लागत से लगाई गई पानी की टंकी और हर घर नल योजना महज कागजी कार्यवाही तक ही सिमट कर रह रही है लोग बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं पानी लेने के लिए लोग पूर्व की भांति घर से दूर लगे हेड पंपों से पानी भरकर कर लाने को मजबूर हैं। यहां हर घर नल तो लग गया है मगर उन नलों में ना तो टोटियां लगी हैं और ना ही उन नलों में अभी जल पहुंच पा रहा है।

तो वही ऐसा ही हाल ग्राम पंचायत हजिरो का है जहां सरकार ने ग्रामीणों को पानी देने के लिए 3 करोड़ 74लाख 93 हजार रुपए खर्च किए परंतु हालात जस के तस बने हुए हैं।जहां पानी की टंकी और हर-हर घर नल तो पहुंच गया है। परंतु नलों में गंदा पानी आ रहा है ग्रामीण परेशान हैं ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत की परंतु पानी की जांच होने के बाद भी नलों में और पानी की टंकी में और पानी में मिट्टी ही मिट्टी नजर आती है। ग्रामीण हरभजन सिंह, जोगिंदर सिंह, निसार अहमद, ने बताया कि टंकी चालू हुए एक साल 6 माह हो गए हैं परंतु की में पानी रेत मिला हुआ पिला रहा है जो पीने योग्य नहीं है पानी की बड़ी टंकी में बड़ी संख्या में रेता जम जाता है जिसे हर हफ्ते 5/7 लोग मिलकर पानी की टंकी से बाहर निकलते हैं गंदा पानी आता है उसे जानवर भी नहीं पीते। जिसकी शिकायत पेयजल निगम के अधिकारियों से बार-बार करने के बावजूद भी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया है।


ट्यूबवेल डेढ़ वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी गंदा पानी ही नलों में आ रहा है।अब ऐसे में सवाल खड़े होने लाजिम है ग्रामीण का आरोप है कि शुरू से शिकायत करने के बावजूद भी जल विभाग के अधिकारियों के द्वारा ठेकेदार को ट्यूबवेल का पानी चेक नहीं किया। और ठेकेदार का 82 लाख रुपए का भुगतान उत्तराखंड पेयजल निगम हल्द्वानी के द्वारा ठेकेदार को दे दिए गए हैं।

उत्तराखंड में जल जीवन मिशन के अंतर्गत वर्ष 2022 में उत्तराखंड प्रदेश की हर एक ग्राम पंचायत में पानी की टंकी तथा ट्यूबवेल एवं ग्रामीण सड़कों में पाइप की लाइन डालने के टेंडर आमंत्रित किए गए थे। राज्य सरकार और केंद्र सरकार का उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में निवास कर रहे ग्रामीणों को घर-घर स्वच्छ जल पहुंचने के सपने पर पेय जल निगम के अधिकारी ही पलीता लगाते नजर आ रहे हैं।

कागजी कार्यवाही में काम पूरा किया गया परंतु धरातल पर कार्य अभी भी अधूरा ही पड़ा है और पेयजल निगम अधिकारियों के द्वारा ठेकेदारों का भुगतान कर दिया गया है। ग्राम पंचायत का कार्य पूरा हुए एक साल 6 माह का समय बीत जाने के बाद भी बोरिंग में पानी गंदा ही आ रहा है ग्रामीण पानी के लिए परेशान और बेहाल हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी उत्तराखंड पेयजल निगम के द्वारा कोई समाधान नहीं किया गया है।इसके बारे में कोई अधिकारी बोलने के लिए तैयार नहीं है। काशीपुर जल निगम के कनिष्ठ अभियंता नरेश कुमार से फोन पर ग्राम पंचायत भरतपुर तथा ग्राम पंचायत हजारों तथा ग्राम पंचायत श्याम नगर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत लगाई गई टंकी तथा टंकी में आ रहे गंदे पानी के मामले में जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि यह कार्य हल्द्वानी पेयजल निगम के द्वारा कराया गया है उनके द्वारा पानी का कई बार सैंपल लेकर उन्हें भेजे गए हैं परंतु उनके द्वारा अभी ठीक नहीं कराए गए हैं। तो वही इस संबंध में अपर सहायक अभियंता हेमंत अस्वाल पेयजल निगम हल्द्वानी को कई बार फोन पर संपर्क किया गया परंतु वह फोन उठाने को राजी नहीं है।बारहाल सरकार को उत्तराखंड पेयजल निगम हल्द्वानी के अधिकारी जल जीवन मिशन योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा रहे हैं।ग्राम भरतपुर मैं पानी गंदा आ रहा है लोग दूर मंदिर से पीने योग्य पानी भरकर बाल्टियों के माध्यम घर ले जा रहे है।इस संबंध में उप जिला अधिकारी अभय प्रताप सिंह से फोन पर बातचीत की गई तो उन्होंने काशी क्रांति से बताया कि उनके संज्ञान में मामला नहीं था वह तत्काल इस पर कार्यवाही करेंगे। जिस ग्राम पंचायत में भी ट्यूबवेल या टंकी में गंदा पानी आ रहा है स्वयं जाकर देखेंगे और संबंधित ठेकेदारों और उससे संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करेंगे।
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
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