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नैनीताल 20 जून 2025 तृतीय पंचायत चुनाव में सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण को लेकर चुनौती देने वाली याचिका कि आज नैनीताल हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए निर्धारित किये गए आरक्षण रोटेशन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई की गई। न्यायालय ने उत्तराखंड सरकार से जबाव मांगते हुए सुनवाई की अगली तिथि सोमवार 23 जून को तय की गई है।मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में हुई।

बता दें कि बागेश्वर निवासी गणेश दत्त कांडपाल व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार ने 9 जून 2025 को एक आदेश जारी कर पंचायत चुनाव के लिए नई नियमावली बनाई तथा साथ ही 11 जून को आदेश जारी कर अब तक पंचायत चुनाव के लिए लागू आरक्षण रोटेशन को शून्य घोषित करते हुए इस वर्ष से नया रोटेशन लागू करने का निर्णय लिया है।हाईकोर्ट ने पहले से ही इस मामले में दिशा निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता के अनुसार इस आदेश से पिछले तीन कार्यकाल से जो सीट आरक्षित वर्ग में थी वह चौथी बार भी आरक्षित कर दी गई है, जिस कारण वे पंचायत चुनाव में भाग नहीं ले पा रहे हैं। इस मामले में सरकार की ओर से बताया गया कि इसी तरह के कुछ मामले एकलपीठ में भी दायर हैं, जबकि याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा उन्होंने खंडपीठ में 9 जून को जारी नियमों को भी चुनौती दी है। एकलपीठ के समक्ष केवल 11 जून के आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें अब नए सिरे से आरक्षण लागू करने का उल्लेख है।अब कोर्ट ने इस मामले में सरकार से जबाव मांगा है। सोमवार 23 जून को सनी के बाद ही यह तय हो पाएगा कि आरक्षण यही रहना है या नए सिरे से आरक्षण प्रक्रिया में बदलाव होगा यह न्यायालय की सुनवाई के बाद ही पता लग पाएगा।
आरक्षण का रोटेशन
आरक्षण की एक प्रणाली है जिसमें आरक्षित पदों को एक निश्चित क्रम में घुमाया जाता है, ताकि अलग-अलग आरक्षित श्रेणियों को समय-समय पर लाभ मिल सके। दूसरे शब्दों में, यह सुनिश्चित करता है कि एक ही आरक्षित श्रेणी को बार-बार वही पद न मिले।


सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
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