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काशीपुर। 7 सितंबर 2025 श्री गुरू गोविन्द सिंह जी के गुरु गद्दी पर बैठने के 350 वें वर्ष दिवस एवं सिक्ख समाज के 9 वें गुरु तेगबहादुर साहब जी एवं उनके साथ ही शहीद हुए भाई मती दास जी, भाई सती दास जी एवं भाई दयाला जी के 350 वें शहीदी दिवस को समर्पित शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबन्धक कमैटी अमृतसर साहब एक शहीदी नगर कीर्तन जो असाम से चलकर लगभग 2500 किमी० में जगह-जगह पर सिक्खों के बड़े स्थानों पर होते हुए काशीपुर बड़ा गुरुद्वारा श्री गुरु ननकाना साहिब पहुंचेगा। नगर कीर्तन में नगर कीर्तन में उत्तराखण्ड के मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामी पहुँच रहे। मुख्यमन्त्री सम्भवतः रात्रि विश्राम काशीपुर में होगा।मुख्यमन्त्री 9 सितम्बर को 8 से 9 बजे के बीच गुरुद्वारा साहब में संगत के दर्शन करेंगें और गुरू ग्रन्थ साहब जी को मत्था टेकेंगे।

बता दें कि सिक्ख समाज के 9 वें गुरु तेगबहादुर साहब जी एवं उनके साथ ही शहीद हुए भाई मती दास जी, भाई सती दास जी एवं भाई दयाला जी के 350 वें शहीदी दिवस को समर्पित शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबन्धक कमैटी अमृतसर साहब के द्वारा एक शहीदी नगर कीर्तन जो असाम से चलकर लगभग 2500 किमी० में जगह-जगह पर सिक्खों के बड़े स्थानों पर रूकते हुए दिनांक 08.09.2025 को काशीपुर श्री ननकाना साहब गुरूद्वारे में विश्राम कर दिनांक 09.09.2025 को प्रातः 8 से 9 बजे के बीच दिल्ली के लिए प्रस्थान करेगा। काशीपुर के नजदीकी जसपुर, बाजपुर, एवं अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में आई संगत नगर कीर्तन की अगुवाई कर रहे श्री गुरू ग्रन्थ साहब के दर्शन करेगी। दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में सिक्ख एवं अन्य समाज आने की आशा है। यह शहीदी नगर कीर्तन ऐतिहासिक है, इतिहास यह बताता है कि मुस्लिम काल में औरंगजेब के द्वारा यह कहते हुए कि हिन्दुस्तान के हर हिन्दू को मुसलमान बनाया जाना है कश्मीर के नबाब को प्रतिदिन हजारों की तदाद में हिन्दुओं के जनेऊ उतरवाने और उन्हें मुसलमान बनाने का निर्देश दिया गया। कश्मीर के पंडित दुःखी होकर पंजाब में आनन्दपुर साहब पहुँच कर श्री गुरु तेगबहादुर साहब जी को मिले और अपना दुःख बताया। श्री गुरू तेगबहादुर जी ने कहा कि इसके लिए किसी बड़ी संत आत्मा को बली देनी पड़ेगी, कश्मीर से आये पंडितों के द्वारा यह कहने पर कि आपसे बड़ी संत आत्मा और किसकी होगी जिसका सर्मथन मात्र 9 वर्ष की उम्र में श्री गुरू गोविन्द सिंह जी ने भी किया। श्री गुरु तेगबहादुर सिंह जी ने आये पंडितों को कहा कि आप जाकर औरंगजेब को संदेशा पहुँचाओ कि अगर आप हमारे गुरू श्री तेगबहादुर साहब जी को मुसलमान बना लें तो बिना किसी विद्रोह के भारत के सारे हिन्दू मुसलमान बनना स्वीकार कर लेंगें यह कहकर श्री तेगबहादुर जी अपने 5 साथियों को साथ लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गये। औरंगजेब उन्हें मुस्लिम धर्म अपनानें के प्रति असर्मथ रहा एवं दिल्ली में जहाँ शीषगंज गुरूद्वारा है वहाँ उनका कत्ल कर दिया गया। तदउपरान्त औरंगजेब ने जनेऊ उतारकर मुसलमान बनाने का ओदश बापस ले लिया।
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
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