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जालंधर। 5 नवंबर 2025 भार्गव कैंप की उस सुनहरी सुबह को शहर शायद कभी नहीं भूल पाएगा, जब दिनदहाड़े विजय ज्वेलर्स की दुकान पर नकाबपोश बदमाशों ने गनपॉइंट पर लाखों की लूट को अंजाम दे डाला था। लेकिन अब इस हाईप्रोफाइल केस की गुत्थी सुलझ चुकी है। जालंधर पुलिस ने खुलासा किया है कि लूट की पटकथा घटना से दो दिन पहले ही लिखी जा चुकी थी, और इसके पीछे की वजह थी — नशे की खतरनाक लत।

???? दो दिन की रेकी, फिर तय हुआ निशाना
मुख्य आरोपी कुशल ने अपने साथियों के साथ दो दिन तक दुकान की रेकी की, हर मूवमेंट पर नज़र रखी।
उसे पता चला कि दुकान के मालिक का बेटा अकसर सुबह के समय अकेला रहता है।
यही वो मौका था, जब 30 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे, तीन नकाबपोश युवक पिस्तौल और दातर लेकर दुकान में घुसे और कुछ ही मिनटों में सोना-चांदी के जेवरों और नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
???? नशे ने की जिंदगी तबाह — बन गए लुटेरे
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नशे की लत ने उन्हें इस कगार पर ला खड़ा किया।
उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी, और इसी के लिए लूट की साजिश रची गई।
लूट के बाद उन्होंने उसी रकम से नशा खरीदा।
कुशल ने कबूल किया कि वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल उसने भागते वक्त अपने एक सहयोगी को पकड़ा दी थी — जो अब भी फरार है।
???? पुलिस का एक्शन — अजमेर से धरपकड़
जालंधर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और ऑटो चालक की जानकारी के आधार पर आरोपियों का पीछा किया।
पता चला कि तीनों आरोपी रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर अजमेर पहुंचे और वहां गौरव उर्फ टोनी नाम के व्यक्ति के घर छिपे थे।
पुलिस ने दबिश देकर चारों को गिरफ्तार कर लिया और बड़ी मात्रा में बरामदगी की।
???? बरामदगी में सोने की चमक
डीसीपी इन्वेस्टिगेशन मनप्रीत सिंह ढिल्लों ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपियों से
???? 8 सोने के लेडीज सेट
???? 40 सोने के टॉप्स
???? 12 सोने की चैन
???? 7 सोने की अंगूठियां
???? मोटरसाइकिल और अन्य दस्तावेज
के साथ ₹23,000 नकद बरामद किए गए।
बरामदगी के दौरान कुशल ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की, लेकिन दीवार फांदते समय पैर टूट गया। अब वह अस्पताल में भर्ती है।
⚖️ पुलिस की सख्ती, मगर सवाल बाकी
पुलिस ने लूट की गुत्थी सुलझाकर सराहनीय काम किया है, लेकिन एक बड़ा सवाल अब भी खड़ा है —
नशे की गिरफ्त में फँसते युवा कब तक अपराध की राह पर चलेंगे?
जालंधर जैसे शांत शहर में दिनदहाड़े हुई यह वारदात बताती है कि अपराध सिर्फ हथियार से नहीं, सोच से शुरू होता है।
अब वक्त है समाज, परिवार और सिस्टम तीनों के जागने का।
काशी क्रांति की अपील —
नशे और अपराध के खिलाफ जागिए, आवाज़ उठाइए, ताकि अगली बार कोई “विजय ज्वेलर्स” लूट का शिकार न बने।
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
कार्यालय – इस्लामनगर बसई, थाना कुंडा, काशीपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखण्ड
संपर्क – 99279 76675
