काशीपुर। 17 दिसंबर 2025
शहर में स्वच्छता नियमों की खुलेआम अनदेखी का मामला उस वक्त सामने आया, जब सड़क किनारे कूड़ा जलाया जा रहा था। संयोग से उसी मार्ग से गुजर रहे महापौर दीपक बाली की नजर इस अव्यवस्था पर पड़ गई। महापौर ने तुरंत अपना वाहन रुकवाया, मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित लोगों को वहीं बुला लिया।

पहली गलती पर मानवीय रुख, जुर्माने की जगह जागरूकता
पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर महापौर दीपक बाली ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जुर्माना लगाने के बजाय अनोखी और संदेशवाहक सजा सुनाई। उन्होंने निर्देश दिए कि पकड़े गए सभी लोग अब कम से कम 10-10 नागरिकों को कूड़ा न जलाने, खुले में कचरा न फेंकने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक करेंगे।

“खुद नहीं सुधरेंगे तो शहर कैसे साफ होगा”
महापौर ने दो टूक कहा कि जब तक नागरिक अपनी आदतें नहीं बदलेंगे, तब तक कोई भी व्यवस्था शहर को स्वच्छ नहीं बना सकती। चाहे महापौर स्वयं मौके पर क्यों न पहुंच जाए, बिना जनसहयोग के स्वच्छ काशीपुर का सपना पूरा नहीं हो सकता।

अब नहीं चलेगी ढिलाई, आगे सख्त कार्रवाई तय
महापौर दीपक बाली ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अब स्वच्छता के मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। खुले में कूड़ा फेंकने या कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ आगे से कठोर कार्रवाई की जाएगी। नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
कूड़ा गाड़ी में ही डालें घर और दुकान का कचरा
महापौर ने नगरवासियों से अपील की कि घरों और दुकानों का कचरा केवल नगर निगम की कूड़ा गाड़ी में ही डालें। सड़कों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी दिनभर मेहनत कर शहर को साफ करते हैं, लेकिन कुछ लोग फिर उसे गंदा कर देते हैं। ऐसे में यदि भविष्य में सड़क किनारे कूड़ा फेंकते या जलाते हुए कोई पकड़ा गया, तो इतनी कड़ी कार्रवाई की जाएगी कि “दिन भर में जितनी कमाई नहीं होगी, उससे कहीं ज्यादा जुर्माना भरना पड़ेगा।”
महापौर ने साफ शब्दों में कहा—
“कूड़ा गाड़ी का इंतजार करें, कूड़ा उसी में डालें। स्वच्छ काशीपुर की जिम्मेदारी हम सभी की है।”
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
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