संपादकीय
जसपुर विधानसभा के परिपेक्ष में विश्लेषण
जसपुर। 9 जनवरी 2022 जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं सभी राजनीतिक दल अपनी पैठ मजबूत बनाने को लेकर जनता को रिझाने का प्रयत्न कर रहे हैं। तो वही आम आदमी पार्टी से नाराज अजय अग्रवाल एवं सरदार सूबा सिंह आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर जमीन तलाश रहे हैं। परंतु उनकी किसी भी राजनीतिक दल में दाल गलती दिखाई नहीं दे रही हैं। जिसके बाद दोनों ही नेता अब निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। हम आपको आज दोनों ही नेताओं के बारे में बताने जा रहे हैं। आखिर क्या कारण रहा जो दोनों ही राजनीतिक दलों ने अजय अग्रवाल की उपेक्षा की बता दें कि अजय अग्रवाल पहले भाजपा में थे और सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में भाजपा की लंबे समय तक सेवा की परंतु भाजपा में उन्हें वह स्थान नहीं मिला जिसकी वह लालसा में भाजपा से जुड़े थे। जिसके कारण उन्होंने भाजपा छोड़कर आम आदमी पार्टी का दामन थामा था। आम आदमी पार्टी में आने के बाद अजय अग्रवाल आम आदमी पार्टी के लिए उस प्रकार से कार्य नहीं कर पाए जिस तरह से उन्हें कार्य करना चाहिए था और पार्टी जिस प्रकार से कार्य कराना चाहती थी। आम आदमी पार्टी की उस कसौटी पर अजय अग्रवाल विफल साबित हुए तो वहीं स्थिति आप नेता सूबा सिंह की भी रही।

तो वहीं कांग्रेस पार्टी से नाराज डॉक्टर यूनुस चौधरी अपनी 35 वर्ष की राजनीति कैरियर को दांव पर लगाकर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए और उन्होंने आम आदमी पार्टी को मजबूत करने का काम किया जिससे आम आदमी पार्टी जसपुर क्षेत्र में अपनी जड़ें मजबूत कर सकी। डॉक्टर यूनुस चौधरी का आम आदमी पार्टी के लिए कड़ी मेहनत और संघर्ष करना तथा आम आदमी पार्टी के देहरादून में स्थित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भीड़ का ले जाना वह गाड़ियों के काफिले का ले जाना इसके अलावा हल्द्वानी के एक कार्यक्रम में सौ गाड़ियों का काफिला ले जाना अपने आप में एक अलग ही संकेत दे रहा था। डॉक्टर यूनुस चौधरी की कार्यशैली को देखकर आम आदमी पार्टी ने उन पर विश्वास जताया और उन्हें जसपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी घोषित कर दिया। डॉक्टर यूनुस चौधरी के प्रभारी घोषित होने की सूचना जैसे ही आप नेता अजय अग्रवाल तथा सूबा सिंह को मिली तो उन्होंने आम आदमी पार्टी को ना देखते हुए अपने स्वार्थ को अपनाकर आम आदमी पार्टी से सोशल मीडिया के माध्यम इस्तीफा दे दिया। जिसके चलते डॉक्टर यूनुस चौधरी जमीनी स्तर पर और भी मजबूत हो गए अब बागडोर जसपुर विधानसभा की डॉक्टर यूनुस चौधरी के ही हाथ में आ चुकी थी। डॉक्टर यूनुस चौधरी ने हिम्मत नहीं हारी और आम आदमी पार्टी के लिए दिन रात एक कर जसपुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ने का कार्य किया। जिससे आम आदमी पार्टी आज जमीनी स्तर पर मजबूत हो गई है। इसके अलावा काशीपुर में एक आम आदमी पार्टी का जब कार्यक्रम हुआ और पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल जब काशीपुर आए उस कार्यक्रम में पार्टी से इस्तीफा दिए दोनों ही चेहरे कार्यक्रम में दिखाई दिए। और उन्होंने कहा कि उन्होंने इस्तीफा भी नहीं दिया है। क्योंकि अभी पार्टी में अपना प्रभारी नियुक्त नहीं किया है। दोनों ही नेता जो चुनाव लड़ने की तैयारियों में थे वह फिर से अलग-थलग रहकर दिखाने लगे कि वह आम आदमी पार्टी के सिपाही हैं। परंतु आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर डॉक्टर यूनुस चौधरी को जसपुर विधानसभा का प्रभारी प्रत्याशी नियुक्त कर दिया। जिसके बाद दोनों ही नेता अब निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर रहे हैं।अगर इनके साथ जनाधार था तो यह आम आदमी पार्टी के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में भीड़ क्यों नहीं लेकर गए और आज निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर रहे हैं। अब निर्दलीय चुनाव में उन्हें सफलता मिलेगी या यह भी उन्हें निराशा मिलेगी यह सब भविष्य के गर्भ में हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ करीबी व्यक्तियों की वजह से ही आम आदमी पार्टी से एक व्यक्ति का टिकट कटा है।
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
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