काशीपुर। 22 नवंबर 2023 संदिग्ध परिस्थितियों में एक अधेड़ मैं दुकान के दूसरी मंजिल के कमरे में लगे पंखे के कुंड में रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली व्यक्ति की आत्महत्या की क्या बज रही पुलिस मामले में छानबीन कर रही है। बता दे की मोहल्ला काजी बाग काशीपुर निवासी शकील अहमद 50 वर्ष पुत्र रईस अहमद ने शाम करीब 6:00 बजे चीमा चौराहा रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित ड्राई क्लीन की दुकान के दो मंजिल पर बने कमरे में लगे पंखे के कुंड में रस्सी का फंदा लगाकर खुद फांसी पर झूल गया जबकि उसका पुत्र और अन्य कर्मचारी दुकान पर नीचे काम कर रहे थे किसी को भनक तक नहीं लगी।

घटना का पता तब लगा जब मृतक का पुत्र दो मंजिल पर किसी काम के लिए गया तो देखा उसके पिता रस्सी पर लटके हुए थे जिसे देखकर चीख पुकार मच गई घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के पुत्र साकिब ने बताया कि उसके पिता बिल्कुल ठीक स्थिति में थे उसे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उसके पिता ऐसा कुछ करेंगे। उसने बताया कि मंगलवार शाम करीब 5:00 बजे वह दुकान पर सबके साथ हंस बोल रहे थे इसके बाद उन्होंने दो बार दुकान की ऊपरी मंजिल पर गए थे और उतर आए थे तीसरी बार में है यह बोलकर गए कि वह सोने के लिए जा रहे हैं उन्हें कोई सोते हुए उठाए नहीं उन्हें बहुत नींद आ रही है। उसने बताया कि इसके बाद करीब 6:00 बजे जब उसके चाचा मिलने के लिए आए तो उन्होंने पूछा कि भाई साहब कहां हैं तुम मेरे द्वारा बताया गया कि वह ऊपर सोए हुए हैं इसके बाद चाचा से मिलने के लिए दो मंजिल पर गए तो देखा कि उसके पिता रस्सी पर झूले हुए हैं चाचा की आवाज पर ही वह छत पर गया और अपने पिता को रस्सी से नीचे उतारा उसने बताया कि उसे पता नहीं की पिताजी ने ऐसा क्यों किया। आखिर व्यक्ति ने फांसी क्यों लगाई पुलिस मामले की तक इसमें जुटी हुई है।
क्या आत्महत्या कोई समाधान है क्या आत्महत्या करनी चाहिए थी नहीं
क्या आत्महत्या करना कोई समाधान है क्या ऐसा करना चाहिए था नहीं आत्महत्या करना कोई समाधान नहीं है बल्कि जो लोग आत्महत्या करते हैं उन्हें एक बार अपने परिवार के बारे में जरूर सोचना चाहिए अगर कोई समस्या है उस समस्या के संबंध में अपने परिवार से बैठकर एक बार जरूर चर्चा करनी चाहिए। परिवार से चर्चा करने में यह फायदा मिलता है की परिवार के लोग उस समस्या का कोई ना कोई समाधान निकल ही लेते हैं जिससे एक जिंदगी तो बच ही जाती है उसके साथ अन्य मामलों में भी उसे व्यक्ति को बड़ी राहत मिलती है। तो हमारा भी ऐसे लोगों से निवेदन है जो लोग आवेश में आकर, या मानसिक तनाव में, कर्ज के बोझ में दबाकर, घरेलू हिंसा में परेशान होकर, या किसी की प्रिताड़ना से परेशान होकर, या घर की अन्य समस्याओं को लेकर परेशान होकर आत्महत्या कर लेते हैं। वह ऐसा बिल्कुल ना करें क्योंकि ऐसा करने से पूरा परिवार टूट कर बिखर जाता है। एक बार उन लोगों के बारे में जरूर सोचना कि तुम्हारे दुनिया से चले जाने के बाद उनका क्या होगा। दुनिया में जब मनुष्य रहता है तो उसे दिक्कत और परेशानियों से जूझना ही पड़ता है इसका मतलब यह नहीं कि वह आत्महत्या कर ले। जिस तरह से दुनिया में दिक्कत है और परेशानियां और अड़चने बहुत हैं इस तरह उसके समाधान भी अनेक हैं।
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
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