रिपोर्ट अली अकबर
काशीपुर 14 जनवरी 2021 नगर निगम में टेंडरों में हुई गड़बड़ियों को लेकर आप नेता एवं राज्य आंदोलनकारी दीपक बाली ने आश्चर्य व्यक्त किया है उन्होंने प्रेस को जारी अपने बयानों में कहा है कि मेयर साहिबा अपने नगर निगम की व्यवस्थाओं को सुधारने के बजाय मुझ पर निगम की छवि खराब करने का गैर जिम्मेदाराना आरोप लगा रही है। इस शहर की सम्मानित जनता ने उन्हें बड़ी आशा और विश्वास के साथ मेयर चुना है। और जिस नगर निगम की वे मेयर हैं। यदि उस निगम में कोई गड़बड़ी होती है। तो उसके प्रति वे नैतिक और संवैधानिक दोनों ही तरह से जनता के सम्मुख जवाबदेह है।

श्री बाली ने कहा है कि उनके पास उपलब्ध ऑडियो में निगम के जेई खुद कहते सुने जा रहे हैं कि बांसियों वाले मंदिर के पास बन रहे नाले के बारे में उन्हें न तो कोई जानकारी है और न वे उससे संबंधित टेंडर के बारे में जानते हैं ।अब जरा शहर की भोली-भाली जनता खुद ध्यान दें कि वही जेई कुछ समय पश्चात अपने कर्मचारी संजय यादव से उक्त नाले के निर्माण की वर्क आर्डर की प्रतिलिपि उपलब्ध कराते हुए वीडियो में साफ नजर आ रहे हैं ।वर्क आडर की इस प्रतिलिपि पर न किसी के हस्ताक्षर हैं और न कोई तारीख ।भला जनता खुद सोचे कि यह गैर जिम्मेदारी किसकी है ?निगम की छवि मैं खराब कर रहा हूं या फिर आदरणीय मेयर साहिबा के निगम की व्यवस्था?जिस निर्माण कार्य की जानकारी नहीं थी। उसका वर्क आर्डर 10 मिनट में कहां से आ गया ?इस फर्जीवाड़े का जिम्मेदार कौन है? श्री बाली कहते हैं कि अब तो उन्हें यह भी शक हो गया है कि उन्हें उपलब्ध कराई गई वर्क ऑर्डर की कॉपी फर्जी थी और मेरे मांगे जाने के बाद कोई दूसरी प्रतिलिपि बनाकर रिकॉर्ड में लगा दी गई हो लग रहा है। कि निगम मे ऐसी ही कार्य संस्कृति बनकर रह गई है ।अब मेयर साहिबा खुद जबाब दे कि नगर निगम की छवि ऐसी कार्य प्रणाली स्थापित हो जाने से खराब हो रही है। तो इसका जिम्मेदार कौन है?बेहतर होता कि वह मेरे ऊपर आरोप लगाने से पहले अपने गैर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध एक्शन लेती। जेई जिस निर्माण कार्य के बारे में मना कर रहे थे। अब तो खुद मेयर साहिबा ने भी स्वीकार कर लिया है। कि वह निर्माण कार्य हो रहा है। इसका मतलब इनके जेई ही झूढ बोल रहे है। श्री बाली कहते हैं कि वे जो भी बात करते हैं तथ्य और सबूतों के आधार पर करते हैं ,और उनका मकसद केवल जनहित है ना की किसी की छवि खराब करना और जनहित में ही वे मेयर साहिबा के कार्यकाल में बगैर टेंडर के वर्क आर्डर द्वारा अब तक कराए गए सभी कार्यों की जानकारी मांगेंगे ताकि पता चल सके कि’ जनता के सामने छवि कौन खराब कर रहा है। श्री बाली ने अनुरोध किया है कि जनहित मे नगर निगम वर्क आर्डर से काम कराने की बजाय टेंडर कराकर विकास कार्य कराए ताकि जनता के पैसे की बर्बादी रूके। श्री बाली ने यह भी मांग की है कि मेयर साहिबा जनता को बताएं कि उनके अब तक के कार्यकाल में कितने काम वर्क आर्डर से कराए गए हैं और कितने काम टेंडर करा कर? और कितनी कितनी धनराशि के ?आज शहर की सड़कों का बहुत बुरा हाल है। और सफाई व्यवस्था का तो बस भगवान ही मालिक है। क्या इससे नगर निगम की छवि प्रभावित नहीं हो रही है? श्री बाली ने कहा है कि उन्होंने तो नगर निगम से एक कागज मांगा था जिसे देने वाले भी निगम के ही कर्मचारी और अधिकारी हैं और वह कागज फाइल में से निकाल कर दिया गया या फिर कंप्यूटर में से वह कंप्यूटर और फाइल भी मेयर महोदया के नगर निगम की ही है कागज असली है या नकली इसमें मेरा क्या दोष और मैंने निगम की छवि कैसे धूमिल कर दी?


सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
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