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देहरादून। 23 दिसंबर 2025
कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से पाकिस्तानी जासूस के रूप में दिखाए जाने का मामला अब गंभीर कानूनी मोड़ लेता दिख रहा है। इस प्रकरण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा से जुड़े कथित सोशल मीडिया पेजों द्वारा AI से तैयार फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर उनकी छवि को जानबूझकर धूमिल किया गया है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि इस तरह का कृत्य न केवल व्यक्तिगत चरित्र हनन है, बल्कि लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द पर भी सीधा हमला है।

हरीश रावत ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर नेहरू कॉलोनी थाना पहुंचे और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर पूरी जानकारी साझा की है और निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान करते हुए उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पहले जारी अपने वीडियो संदेश और सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी स्पष्ट किया था कि यदि जरूरत पड़ी तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा—
“राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देशभक्ति पर सवाल उठाना बेहद निंदनीय है। AI तकनीक का इस तरह दुरुपयोग लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।”
इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और एक बार फिर चुनावी दौर में डिजिटल फर्जीवाड़े, डीपफेक और AI आधारित प्रोपेगेंडा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में साइबर क्राइम और चुनाव आयोग की सख्त निगरानी का विषय बन सकता है।
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
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