काशीपुर। काशीपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक बहस के बीच हरीश कुमार सिंह एडवोकेट ने विधायक त्रिलोक सिंह चीमा से सीधे सवाल किए हैं। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में विकास नहीं होने के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस ने काशीपुर में कोई विकास कार्य नहीं कराया, तो ढेला नदी पर बने दो महत्वपूर्ण पुल आखिर किसकी देन हैं? उन्होंने कहा कि विकास का आकलन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि जनता को मिलने वाली सुविधाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से होना चाहिए।
काशीपुर के विकास को लेकर सियासी वार-पलटवार, कांग्रेस शासनकाल के दो पुलों का दिया उदाहरण; फ्लाईओवर की गुणवत्ता और बार-बार मरम्मत पर भी उठाए सवाल

हरीश कुमार सिंह एडवोकेट ने कहा कि मुरादाबाद रोड और जसपुर रोड पर ढेला नदी के ऊपर बने पुल काशीपुर के लिए महत्वपूर्ण हैं। मुरादाबाद रोड स्थित पुल का निर्माण वर्ष 1986 में हुआ था। उस समय उत्तर प्रदेश में वीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार थी और स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी केंद्र सरकार में मंत्री थे। वहीं, जसपुर रोड पर श्मशान घाट के निकट बने पुल का निर्माण वर्ष 2003 में हुआ, जब स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने दोनों पुलों के निर्माण में पूर्व सांसद स्वर्गीय सत्येंद्र चंद्र गुड़िया के योगदान का भी उल्लेख किया।
40 साल पुराने पुल बनाम फ्लाईओवर की स्थिति पर सवाल
हरीश कुमार सिंह एडवोकेट ने कहा कि मुरादाबाद रोड स्थित ढेला नदी के पुल को लगभग 40 वर्ष और जसपुर रोड स्थित पुल को करीब 23 वर्ष हो चुके हैं। उन्होंने इन पुलों की उपयोगिता का हवाला देते हुए काशीपुर के मुख्य चौराहे पर बने फ्लाईओवर की स्थिति पर सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा के कार्यकाल में बना फ्लाईओवर बार-बार मरम्मत की जरूरत, साइड रोड की खराब स्थिति और भारी वाहनों के आवागमन को लेकर चर्चा में रहता है। उन्होंने कहा कि फ्लाईओवर की मौजूदा स्थिति की गंभीरता से समीक्षा होनी चाहिए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले आवश्यक सुधार किए जा सकें।
‘विकास का पैमाना दल नहीं, जनता को मिलने वाली सुविधा है’
हरीश कुमार सिंह एडवोकेट ने विधायक त्रिलोक सिंह चीमा से सवाल किया कि यदि भाजपा शासनकाल में बना फ्लाईओवर विकास का प्रतीक है, तो कांग्रेस शासनकाल में बने ढेला नदी के पुलों को विकास कार्य क्यों नहीं माना जाना चाहिए? उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण कार्य की वास्तविक सफलता उसकी मजबूती, गुणवत्ता, उपयोगिता और जनता को मिलने वाली सुविधा से तय होती है।
उन्होंने कहा कि काशीपुर के विकास में अलग-अलग सरकारों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका रही है। ऐसे में किसी एक राजनीतिक दल के कार्यकाल में हुए कार्यों को नकारना उचित नहीं है। विधायक त्रिलोक सिंह चीमा को इस विषय पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए, ताकि जनता के सामने विकास कार्यों को लेकर तथ्यात्मक तस्वीर सामने आ सके।
स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी को किया नमन
हरीश कुमार सिंह एडवोकेट ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी को नमन करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को याद रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि काशीपुर के विकास का इतिहास किसी एक दल तक सीमित नहीं है और जनता के हित में हुए कार्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन होना चाहिए।
— हरीश कुमार सिंह, एडवोकेट
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
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