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जसपुर, 30 सितंबर 2026।जिम्मेदारी जब बड़ी होती है तो उम्मीदें भी बड़ी हो जाती हैं। जसपुर की राजनीति में डॉ. यूनुस चौधरी को मिली नई जिम्मेदारी के बाद आज कुछ ऐसा ही माहौल दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड सरकार ने वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. यूनुस चौधरी को उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक हुनर परिषद का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। 25 सितंबर को उन्होंने देहरादून पहुंचकर पदभार ग्रहण किया।

2022 में AAP के टिकट पर लड़े विधानसभा चुनाव में मिले थे 9,454 मत, अब अल्पसंख्यक हुनर परिषद के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद जसपुर और आसपास के क्षेत्रों में उनके स्वागत का सिलसिला लगातार जारी है। कहीं फूल-मालाओं से स्वागत हो रहा है तो कहीं लोग अपनी स्थानीय समस्याओं और समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर उनके सामने पहुंच रहे हैं। यह तस्वीर केवल राजनीतिक स्वागत की नहीं, बल्कि उस भरोसे की भी है जिसमें लोग नई जिम्मेदारी के साथ अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
राजनीति में लंबा सफर, चुनावी मैदान का अनुभव

डॉ. यूनुस चौधरी का राजनीतिक सफर भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में जसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। चुनाव परिणाम में उन्हें 9,454 मत प्राप्त हुए और वह चुनाव जीत नहीं सके। उस चुनाव में कांग्रेस के आदेश सिंह चौहान 42,886 मतों के साथ विजयी रहे, जबकि भाजपा के डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल को 38,714 मत मिले।
हालांकि चुनाव परिणाम किसी उम्मीदवार की पूरी राजनीतिक यात्रा को परिभाषित नहीं करते। 2022 में एक नए राजनीतिक मंच से चुनाव मैदान में उतरकर 9,454 मत हासिल करना यह जरूर दर्शाता है कि डॉ. यूनुस चौधरी का अपना एक राजनीतिक जनाधार रहा है। चुनाव के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया और भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की।
यही राजनीतिक सफर अब उन्हें एक नई जिम्मेदारी तक लेकर आया है।
विरासत से जिम्मेदारी तक

डॉ. यूनुस चौधरी के परिवार का भी क्षेत्र की राजनीति और सार्वजनिक जीवन से पुराना संबंध रहा है। उनके पिता स्वर्गीय हाजी यूसुफ चौधरी के बारे में स्थानीय स्तर पर बताया जाता है कि एनडी तिवारी सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2004 से 2007 के बीच उन्होंने गन्ना विकास/चीनी विकास दर्जा राज्य मंत्री स्तर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली थी।
तथा डॉक्टर यूनुस चौधरी 2005 से 2007 तक मुख्यमंत्री सलाहकार रहे। वर्ष 2008 में डॉक्टर यूनुस चौधरी क्षेत्र पंचायत सदस्य भी रहे।
ऐसे राजनीतिक और सामाजिक परिवेश से आने वाले व्यक्ति के लिए नई जिम्मेदारी केवल पद प्राप्त करने का अवसर नहीं होती, बल्कि जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने की परीक्षा भी होती है।
स्वागत के बीच समस्याओं का ज्ञापन भी महत्वपूर्ण संदेश

मंगलवार शाम जसपुर में जिला व्यापार मंडल के जिला मंत्री नासिर हुसैन, पूर्व सभासद राशिद सिद्दीकी, रियाज अहमद, सलीम अहमद सिद्दीकी सहित अन्य लोगों ने डॉ. यूनुस चौधरी का स्वागत किया। इस दौरान उन्हें व्यापारियों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया।
व्यापार मंडल जिला मंत्री राशिद सिद्दीकी ने जीएसटी का नियमित भुगतान करने वाले व्यापारियों के परिवारों की आर्थिक सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि जिस प्रकार दुर्घटना की स्थिति में सहायता की व्यवस्था है, उसी प्रकार पात्र जीएसटी दाताओं की सामान्य मृत्यु की स्थिति में उनके परिवारों को भी आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था पर सरकार विचार करे।
यह मांग केवल एक व्यापारी की समस्या नहीं, बल्कि उस परिवार की चिंता है जिसकी आर्थिक रीढ़ अचानक टूट जाती है। यदि सरकार इस प्रकार की मांगों पर नीति स्तर पर विचार करती है तो इसका लाभ उन परिवारों तक पहुंच सकता है जो रोजमर्रा के कारोबार के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं।
डॉ. यूनुस चौधरी ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि वह उनकी मांग को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष रखेंगे और समाधान के लिए प्रयास करेंगे।
हुनर से रोजगार तक—अब असली चुनौती
अल्पसंख्यक हुनर परिषद की नई जिम्मेदारी डॉ. यूनुस चौधरी के लिए एक ऐसा अवसर है, जिसमें समाज के हुनरमंद युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
जसपुर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे युवा और छोटे कारोबारी हैं जिनके पास हुनर तो है, लेकिन संसाधनों और अवसरों की कमी है। यदि सरकारी योजनाओं की जानकारी, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास जमीन तक पहुंचते हैं तो परिषद की भूमिका समाज के लिए अधिक सार्थक बन सकती है।
यही वह बिंदु है जहां एक राजनीतिक पद जनसेवा की जिम्मेदारी में बदलता है।
आने वाले समय की राजनीति पर भी नजर

डॉ. यूनुस चौधरी को मिली नई जिम्मेदारी के बाद जसपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में भी चर्चाओं का दौर तेज हुआ है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह चर्चा हो रही है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा उन्हें जसपुर से प्रत्याशी बनाती है या नहीं।
हालांकि इस संबंध में अभी किसी दल की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए प्रत्याशी को लेकर चल रही चर्चाओं को फिलहाल राजनीतिक अटकल के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
लेकिन इतना जरूर है कि 2022 के चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके डॉ. यूनुस चौधरी अब भाजपा संगठन का हिस्सा हैं और राज्य स्तर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में उनकी राजनीतिक सक्रियता और क्षेत्र में उनकी स्वीकार्यता पर आने वाले समय में स्वाभाविक रूप से नजर रहेगी।क्षेत्रीय जनता खास तौर से अल्पसंख्यक समाज में डॉक्टर यूनुस चौधरी के उपाध्यक्ष बने जाने के बाद खुशी का माहौल है और बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समाज डॉक्टर यूनुस चौधरी के साथ खड़ा हो गया है। और अल्पसंख्यक समाज में चर्चाएं चल रही हैं की यदि डॉक्टर यूनुस चौधरी आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के द्वारा जसपुर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया तो पिछले 30 वर्षों से कांग्रेस ने जिस सीट पर कब्जा किया हुआ है उस सीट पर इस वार बीजेपी का कब्जा हो सकता है।
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
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