गदरपुर। 8 अगस्त 2026 पुरानी रंजिश को लेकर सरदार नगर अंडरपास के पास फायरिंग कर युवक को गोली मारने के मामले में गदरपुर पुलिस ने चार वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त .32 बोर की अवैध देशी पिस्टल, 315 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस, दो स्कॉर्पियो वाहन और एक बांस का डंडा बरामद किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमे में आयुध अधिनियम समेत अन्य धाराओं की बढ़ोतरी की है।

पुलिस के अनुसार, 26 जुलाई 2026 की शाम करीब 5:50 बजे सरदार नगर अंडरपास कट के पास पुरानी रंजिश को लेकर कुछ युवकों ने सहजपाल सिंह और उसके दोस्तों पर कथित तौर पर फायरिंग कर दी थी। घटना में सहजपाल के मित्र गुरशरण उप्पल उर्फ गगन के पैर में गोली लगी थी। इसके अलावा आरोपियों पर सहजपाल सिंह और उसके साथी सौरभ बाबा के साथ मारपीट कर उन्हें घायल करने का भी आरोप है।
मामले में सहजपाल सिंह की तहरीर पर कोतवाली गदरपुर में एफआईआर संख्या 215/2026 दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर तकनीकी सहायता के साथ भौतिक सुरागरसी और पतारसी शुरू की।
हरिपुरा जलाशय के पास से दबोचे गए आरोपी
पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए 3 अगस्त 2026 को गूलरभोज स्थित हरिपुरा जलाशय के पास से मामले में वांछित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही और कब्जे से घटना में प्रयुक्त .32 बोर की अवैध पिस्टल, 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त दो स्कॉर्पियो वाहन भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में राजवीर सिंह विर्क (23), आकाशदीप सिंह (24), प्रशान्त सिंह उर्फ मनी उर्फ पिद्दी (29) और सौरभ कुमार (22) शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को संबंधित धाराओं में गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुकदमे में आयुध अधिनियम की धाराएं बढ़ाईं
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बरामद अवैध हथियारों के आधार पर मुकदमे में धारा 3(5) बीएनएस तथा धारा 3/25 आयुध अधिनियम की बढ़ोतरी की है। अब आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ आयुध अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।
कई आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सौरभ कुमार और आकाशदीप सिंह के खिलाफ वर्ष 2025 में भी मारपीट और धमकी से संबंधित मुकदमा दर्ज है। वहीं प्रशान्त सिंह उर्फ मनी उर्फ पिद्दी के खिलाफ वर्ष 2025 में धोखाधड़ी, धमकी और आईटी एक्ट से संबंधित मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। राजवीर सिंह विर्क के खिलाफ फिलहाल इसी मामले का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस ने बताया है।
यह रही खुलासा करने वाली पुलिस टीम
मामले के खुलासे और चारों आरोपियों की गिरफ्तारी में उप निरीक्षक मुकेश मिश्रा, उप निरीक्षक संजय सिंह बोरा, कांस्टेबल 65 नागरिक पुलिस मोहन भट्ट, कांस्टेबल 121 राजेन्द्र सिंह बिष्ट और कांस्टेबल 1312 मोहन सिंह बोरा, सभी कोतवाली गदरपुर, की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था। तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर की गई सुरागरसी के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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