काशीपुर। धान खरीद सत्र शुरू होने के बावजूद सरकारी क्रय केंद्रों पर तौल व्यवस्था शुरू नहीं होने को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महानगर कांग्रेस कमेटी की जिला अध्यक्ष अलका पाल ने धान खरीद में देरी को लेकर सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अलका पाल ने कहा कि 1 अक्टूबर से धान खरीद शुरू होनी थी, लेकिन कई सरकारी क्रय केंद्रों पर अभी तक कांटे तक नहीं लगाए गए हैं। सरकारी पोर्टल शुरू नहीं होने के कारण किसान अपनी फसल बेचने को लेकर असमंजस में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी खरीद में देरी का फायदा बिचौलियों और खुले बाजार को मिल रहा है, जबकि किसान को अपनी उपज कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार को बिना किसी देरी के सभी क्रय केंद्रों पर तौल शुरू करानी चाहिए। साथ ही 25 प्रतिशत तक नमी वाले धान की खरीद की व्यवस्था करने और पंजीकरण के लिए किसान की अनिवार्य उपस्थिति की शर्त समाप्त करने की मांग की।
अलका पाल ने प्रति हेक्टेयर औसतन 65 क्विंटल धान की खरीद सुनिश्चित करने तथा वर्ग-1 क और 1 ख के अलावा अन्य श्रेणियों में उत्पादित धान की भी खरीद किए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियों के चलते अक्टूबर माह में धान में नमी अधिक रहना सामान्य बात है, ऐसे में किसानों को नमी के नाम पर परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि धान खरीद में देरी सीधे तौर पर किसानों के हितों को प्रभावित कर रही है। सरकार को किसानों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से खरीद व्यवस्था शुरू करनी चाहिए।
अलका पाल ने राइस मिलर्स के भुगतान का मुद्दा भी उठाते हुए दावा किया कि ऊधम सिंह नगर जिले में करीब 500 करोड़ रुपये राइस मिलर्स का सरकार पर बकाया है। उन्होंने कहा कि भुगतान नहीं होने के कारण राइस मिलर्स भी असमंजस की स्थिति में हैं और इसका असर धान खरीद व्यवस्था पर पड़ सकता है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर किसान, मजदूर और व्यापारियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि अन्नदाता के साथ किसी भी तरह का अन्याय कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस किसानों की समस्याओं को लेकर सड़क से सदन तक उनकी आवाज उठाती रहेगी।
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
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