हल्द्वानी। 14 फरवरी 2025 38वे राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री समेत भारतवर्ष से कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में शामिल हुए। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को उत्तराखंड के हल्दवानी में 38वें राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह में शिरकत करने पहुंचे। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शाह को स्मृति चिन्ह, शॉल और गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया।केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह हल्द्वानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में आयोजित समारोह में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि देव भूमि न केवल राष्ट्रीय खेलों के कारण, बल्कि खेलों में अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन और खेलों की सफल मेजबानी के कारण खेल भूमि में बदल गई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यहां देखा कि राष्ट्रीय खेलों के दौरान बनाए गए कुछ रिकॉर्ड खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर खेले हैं।

उन्होंने कहा कि वह उत्तराखंड की आयोजन समिति का हृदय पूर्वक अभिनंदन करते हैं आगे उन्होंने कहा कि खिलाड़ी को हार से निराश न हो बल्कि हार भी खेल का संदेश है। जो खिलाड़ी जीते हैं और जो हारे हैं, मैं उन्हें अनंत शुभकामनाएं देता हूं। आपके(खिलाड़ियों) लिए मेघालय में एक और मौका है। अगली बार मेडल लेकर आइए। कई खेलों में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बने हैं। प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद खेल के वातावरण में बहुत बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि आज विश्व के फलक पर भारतीय खेलों की प्रतिष्ठा बढ़ी है।

समापन कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया,मेघालय के मुख्यमंत्री कोंगकल संगमा, उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य, दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम और ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज गगन नारंग शामिल हैं।केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, उत्तराखंड ने देश को बताया है कि यह सिर्फ देवभूमि नहीं बल्कि खेलभूमि भी है। राज्य ने सुनिश्चित किया कि खेलों के दौरान किसी भी खिलाडी को कोई कठिनाई न हो। यह भारत के खेल केंद्र बनने की शुरुआत है। आयोजन स्थल की क्षमता 25,000 है। जबकि आयोजन स्थल भीड़ से भरा हुआ था। इस अवसर पर उषा ने कहा कि सफर यहीं खत्म नहीं होता यह भारतीय खेलों के लिए सिर्फ शुरुआत है।उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों की शुरुआत 28 जनवरी को हुई थी जिसमें सेना खेल संवर्धन बोर्ड (एसएससीबी) कुल 121 पदक (68 स्वर्ण, 26 रजत, 27 कांस्य) के साथ पिछले छह राष्ट्रीय खेल में पांचवीं बार पदक तालिका में शीर्ष पर रहा। महाराष्ट्र ने 198 (54 स्वर्ण, 71 रजत, 73 कांस्य) के साथ सेना से अधिक पदक जीते लेकिन कम स्वर्ण पदक जीतने के कारण वह दूसरे स्थान पर रहा।यहां तक कि हरियाणा को 153 (48 स्वर्ण, 47 रजत, 58 कांस्य) के साथ सेना से अधिक पदक मिले, लेकिन उसे तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। मेजबान उत्तराखंड 24 स्वर्ण, 35 रजत और 44 कांस्य सहित कुल 103 पदकों के साथ सातवें स्थान पर रहा।
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