काशीपुर। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि विधेयक बिलो का विरोध देशभर के किसान कर रहे हैं। और दिन प्रतिदिन किसानों का गुस्सा बढ़ता चला जा रहा है। तो वही युवा किसान रवनीत सिंह ग्रेवाल ने किसानों के मुद्दे पर सरकार की ढिलाई के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जो सरकार किसानों के हित में नहीं सोचती है। उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। भाजपा सरकार के नुमाइंदे किसानों के भेष में टच पुंजियो से सरकार को समर्थन दिखाकर देश के उन किसानों के साथ विश्वासघात करने में लगे हैं। जिन्होंने उन्हें चुनकर सत्ता में पहुंचाया है।

उन्होंने कहां कि क्षेत्रीय विधायक हरभजन सिंह चीमा पर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्रीय विधायक खुद किसान हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल ने किसानों के प्रति विरोध की नीति को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी से अपना गठबंधन तोड़ लिया। उसके बाद भाजपा विधायक जो उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश के शिरोमणि अकाली दल संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि विधायक हरभजन सिंह चीमा को विधायक पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए था। श्री ग्रेवाल ने कहा कि किसानों के दर्द से सरकार को कोई लेना देना नहीं है। एक तरफ किसान अपने खेत छोड़कर सर्द मौसम में ठंडी सड़कों पर अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं। तो वहीं सरकार के मंत्री एयर कंडीशनर गाड़ियों में देश के अन्नदाता के दुख दर्द को नहीं समझ पा रहे हैं। उन्होंने किसानों के समर्थन में केंद्र सरकार से शीघ्र ही तीनों कृषि कानून रद्द करने की मांग करते हुए अन्नदाता के आक्रोश को कम करने की बात कही। उन्होंने प्रशासनिक मशीनरी को सरकार के हाथों की कठपुतली बताते हुए कहा कि जिस तरह से सरकार किसानों के आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है। उससे साफ है। कि सरकार बल प्रयोग कर किसानों के आंदोलन को दबाना चाहती है।


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