काशीपुर। 9 मई 2026 शहर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की टूटी हुई बाउंड्री अब केवल एक दीवार का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह बेटियों की सुरक्षा, सरकारी लापरवाही और व्यवस्था की संवेदनहीनता पर बड़ा सवाल बन चुकी है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं उत्तराखंड बार एसोसिएशन के सदस्य एडवोकेट हरीश कुमार सिंह ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जिस शिक्षण संस्थान में सैकड़ों बेटियां अपने भविष्य के सपने लेकर पहुंचती हों, वहां सुरक्षा व्यवस्था का इस तरह चरमराना बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि कॉलेज परिसर की उत्तरी दिशा में सड़क किनारे बनी लंबी बाउंड्री कई दिनों से टूटी पड़ी है। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि इस ओर आंखें मूंदे बैठे हैं। कॉलेज प्रबंधन ने भी स्थायी समाधान के बजाय केवल टीन की चादर लगाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। यह व्यवस्था किसी भी लिहाज से छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करती।
एडवोकेट हरीश कुमार सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि खुले पड़े इस हिस्से से कोई भी असामाजिक तत्व, मनचला या आवारा पशु आसानी से परिसर में प्रवेश कर सकता है। यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी जिम्मेदारी केवल कॉलेज प्रशासन ही नहीं बल्कि संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों की भी होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” जैसे नारों का प्रचार तो बड़े स्तर पर करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बेटियों के शिक्षण संस्थान तक सुरक्षित नहीं हैं। सवाल यह है कि जब स्कूल और कॉलेज ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो अभिभावक अपनी बेटियों को निश्चिंत होकर शिक्षा के लिए कैसे भेजेंगे?
उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि छात्राओं की सुरक्षा किसी राजनीति या औपचारिकता का विषय नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। टूटी हुई बाउंड्री का निर्माण युद्धस्तर पर कराया जाना चाहिए, ताकि बेटियां भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकें।
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