काशीपुर। 23 जून 2026 सामाजिक कार्यकर्ता हरीश कुमार सिंह ने सड़कों, खेतों और सार्वजनिक स्थानों पर बेसहारा घूम रहे गौवंश की समस्या को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से कठोर कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और उसका विशेष सम्मान किया जाता है, लेकिन बड़ी संख्या में गौवंश आज भी सड़कों और खेतों में भूखे-प्यासे एवं असुरक्षित अवस्था में भटकने को मजबूर हैं।

हरीश कुमार सिंह ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ माता के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना रखती है तो उन लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए जो अपने पशुओं को बेसहारा छोड़ देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गौ संरक्षण के दावों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है, जिससे किसानों, राहगीरों और स्वयं गौवंश को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि आवारा गौवंश को सड़कों पर छोड़ने वाले पशुपालकों की पहचान कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए तथा गौशालाओं की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
इस दौरान हरीश कुमार सिंह ने कवि की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा—
“जो भरा नहीं है भावों से, बहती जिसमें रसधार नहीं,
वह हृदय नहीं पत्थर है, जिसमें गौ माता के लिए प्रेम नहीं।”
उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल भावनात्मक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय जिम्मेदारी भी है, जिसके लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर कार्य करना चाहिए।
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