काशीपुर। मोहर्रम की 10वीं तारीख यानी यौमे आशूरा के अवसर पर काशीपुर में अकीदत, एहतराम और गमगीन माहौल के बीच ताज़ियादारी की रस्म अदा की गई। जुमे की नमाज़ के बाद शहर और आसपास के विभिन्न मोहल्लों से अज़ादारों द्वारा हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथियों की याद में तैयार किए गए ताज़िए अपने-अपने निर्धारित मार्गों से होते हुए अल्ली खां स्थित करबला मैदान पहुंचे। यहां नियाज़-फातिहा के बाद ताज़ियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान करबला मैदान में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों और जायरीनों की मौजूदगी रही तथा नज़र-ओ-नियाज़ का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।

यौमे आशूरा के मौके पर शहर में जगह-जगह मजलिसों का आयोजन किया गया, जहां उलेमाओं ने करबला के वाकये पर रोशनी डालते हुए हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 साथियों की शहादत को इंसानियत, हक, सब्र, न्याय और कुर्बानी की सबसे बड़ी मिसाल बताया। उलेमाओं ने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) ने ज़ुल्म और अन्याय के सामने झुकने के बजाय सच्चाई और इंसाफ की राह चुनते हुए अपनी और अपने परिवार की कुर्बानी दी, जिसका पैगाम आज भी पूरी दुनिया के लिए अमन, इंसाफ, भाईचारे और मानवता की प्रेरणा बना हुआ है।

ताज़ियादारी के दौरान अज़ादारों ने पूरी शांति, अनुशासन और धार्मिक सौहार्द के साथ जुलूस में हिस्सा लिया तथा देश और प्रदेश में अमन, मोहब्बत और भाईचारे की दुआ की। करबला कमेटी, नगर निगम प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चाक-चौबंद रहीं।
करबला कमेटी के पदाधिकारियों ने सभी जायरीनों का स्वागत करते हुए समाज में आपसी सौहार्द, एकता और इंसानी मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर करबला कमेटी अध्यक्ष रफी खान, महामंत्री अब्दुल रशीद एडवोकेट, सचिव पप्पू मंसूरी, अनवर हुसैन, मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष इनआम हुसैन, शरीफ माहगीर, हसीन खान, पूर्व पालिकाध्यक्ष शमशुद्दीन, मुशर्रफ हुसैन, अशरफ एडवोकेट, शफीक अंसारी, आलम खान, डॉ. एम.ए. राहुल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं अकीदतमंद मौजूद रहे।
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