देहरादून, 22 जुलाई 2026। अचानक हृदय गति रुकने (Sudden Cardiac Arrest) जैसी आपात स्थिति में आम नागरिक भी किसी की जान बचा सकें, इसी उद्देश्य से भारतीय शिशु रोग अकादमी (IAP) द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय ‘संजीवनी: CPR Mass Awareness Program’ के तहत उत्तराखंड में व्यापक स्तर पर CPR जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत राज्यभर में आयोजित सात प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कुल 485 लोगों को जीवनरक्षक CPR का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

भारतीय शिशु रोग अकादमी (IAP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीलम मोहन के नेतृत्व में 21 जुलाई 2026 को देशभर में एक साथ CPR जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य केवल CPR का प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार, विद्यालय, कार्यस्थल और समुदाय को CPR के प्रति जागरूक एवं प्रशिक्षित बनाकर भारत को CPR-तैयार राष्ट्र बनाना है।

उत्तराखंड में यह अभियान राष्ट्रीय संयोजक डॉ. लोकेश तिवारी, राष्ट्रीय सचिव डॉ. रुचिरा गुप्ता, IAP उत्तराखंड अध्यक्ष डॉ. रवि सहोता, राज्य समन्वयक डॉ. मान सिंह तथा IAP उत्तराखंड सचिव डॉ. राकेश कुमार के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस अवसर पर IAP उत्तराखंड अध्यक्ष डॉ. रवि सहोता ने कहा कि अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि आम नागरिक समय रहते सही तरीके से CPR देना सीख जाएँ, तो हजारों अनमोल जीवन बचाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि IAP का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को CPR के प्रति जागरूक और प्रशिक्षित बनाना है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में हर व्यक्ति एक संभावित जीवनरक्षक की भूमिका निभा सके।
अभियान की सफलता में डॉ. विशाल कौशिक, डॉ. हंस वैष सहित अनेक CPR प्रशिक्षकों एवं IAP सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को CPR की वैज्ञानिक विधि, आपातकालीन स्थिति की पहचान तथा तुरंत सहायता उपलब्ध कराने के व्यावहारिक तरीके भी सिखाए गए।
संदेश:
“सीपीआर सीखें, जीवन बचाएँ — सीपीआर-तैयार भारत बनाएँ।”
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