oplus_0
काशीपुर। नबी-ए-पाक हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की पैदाइश की खुशी में 12 रबीउल अव्वल के मुबारक मौके पर जसपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बैलजुड़ी में जश्ने ईद मिलादुन्नबी बड़े ही हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। इस दौरान लोगों ने नबी-ए-पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत और उनके बताए हुए अमन, भाईचारे, इंसानियत और मोहब्बत के रास्ते पर चलने का संदेश दिया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। नात-ए-पाक पेश की गई और रसूल-ए-अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी ने पूरी इंसानियत को सच्चाई, ईमानदारी, रहम, इंसाफ और भाईचारे का संदेश दिया।

इस्लामी परंपरा के अनुसार हजरत मोहम्मद मुस्तफा ﷺ की पैदाइश मक्का मुकर्रमा में आमुल-फील के वर्ष, 12 रबीउल अव्वल को हुई मानी जाती है। हालांकि उनकी पैदाइश की तारीख को लेकर इस्लामी इतिहासकारों के बीच अलग-अलग मत भी मिलते हैं। आपके वालिद का नाम हजरत अब्दुल्लाह और वालिदा का नाम हजरत आमिना था।
बचपन में ही आपने अपने पिता को खो दिया था। कुछ समय बाद आपकी वालिदा का भी इंतकाल हो गया, जिसके बाद आपके दादा अब्दुल मुत्तलिब और फिर आपके चचा अबू तालिब ने आपकी परवरिश की।

हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी अपनी सच्चाई और ईमानदारी के लिए युवावस्था से ही थे और लोग आपको सादिक और अमीन के नाम से पुकारते थे। 40 वर्ष की उम्र में मक्का की गार-ए-हिरा में आप पर पहली वह्यी नाजिल हुई और यहीं से आपकी पैगंबरी का सिलसिला शुरू हुआ।
आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी ने लोगों को एक अल्लाह की इबादत, इंसाफ, गरीबों और जरूरतमंदों की मदद, महिलाओं के सम्मान, अनाथों के अधिकार और आपसी भाईचारे की शिक्षा दी। मक्का में लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों के बावजूद आपने सत्य और इंसाफ का संदेश जारी रखा। बाद में मदीना मुनव्वरा में इस्लामी समाज की स्थापना हुई।
आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी की पूरी जिंदगी इंसानियत, रहमत और नैतिकता की मिसाल मानी जाती है। कुरआन में भी आपको रहमतुल्लिल-आलमीन यानी तमाम जहानों के लिए रहमत बताया गया है।
कार्यक्रम में पहुंचे भाजपा नेता डॉ. यूनुस चौधरी ने सभी लोगों को जश्ने ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी पूरी इंसानियत के लिए प्रेरणा है। उन्होंने हमेशा अमन, मोहब्बत, इंसाफ और भाईचारे का संदेश दिया।
डॉ. यूनुस चौधरी ने कहा कि आज जरूरत है कि हम रसूल-ए-पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगीकी शिक्षाओं को अपनी जिंदगी में उतारें और समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे में है, जिसे मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए दुआ की गई। ग्राम पंचायत बैलजुड़ी में पूरा माहौल धार्मिक उत्साह और अकीदत से सराबोर नजर आया।
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
कार्यालय – इस्लामनगर बसई, थाना कुंडा, काशीपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखण्ड
संपर्क – 99279 76675
