रामनगर। 2 मई 2026 कर निर्धारण वर्ष 2026–27 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) का प्रारूप अब तक जारी नहीं होने से करदाता और टैक्स अधिवक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। हर वर्ष अप्रैल की शुरुआत में रिटर्न फॉर्म उपलब्ध हो जाते हैं, लेकिन इस बार देरी के चलते बैंकिंग, लोन, वीजा और आय प्रमाण पत्र से जुड़े कई जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसे लेकर टैक्स बार एसोसिएशन रामनगर ने नाराजगी जताते हुए सरकार से जल्द रिटर्न प्रारूप जारी करने की मांग की है।
टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन पांडे ने कहा कि आयकर रिटर्न फॉर्म जारी न होने से करदाताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। लोग लगातार जानकारी लेने के लिए अधिवक्ताओं से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध न होने के कारण सही जानकारी देना मुश्किल हो रहा है।

उपसचिव मनु अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 की चौथी तिमाही के टीडीएस रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित है। ऐसे में टीडीएस डेटा अपडेट होने में देरी होने से टैक्स कैलकुलेशन और रिफंड प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं का कहना है कि आयकर रिटर्न का प्रारूप 1 अप्रैल तक जारी होना चाहिए था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। इससे करदाताओं के कई जरूरी कार्य अटक गए हैं और समय पर रिटर्न दाखिल न कर पाने की आशंका बढ़ गई है।
अधिवक्ताओं ने सरकार से आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर करने की मांग की है, ताकि देरी से प्रभावित करदाताओं को पर्याप्त समय मिल सके। साथ ही विभाग से जल्द रिटर्न फॉर्म जारी करने की अपील भी की गई है।
इस मुद्दे को लेकर आयोजित बैठक में प्रबल बंसल, भूपाल रावत, फिरोज अंसारी, मनोज अग्रवाल, लईक अहमद, नावेद सैफी और गुलरेज़ रज़ा सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
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