काशीपुर। 31 मार्च 2026 आस्था, श्रद्धा और सियासत के रंगों से सराबोर काशीपुर का ऐतिहासिक चैती मेला उस समय और भव्य हो उठा, जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने मां बाल सुंदरी के दरबार में मत्था टेककर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। भजनों की गूंज, जयकारों की अनुगूंज और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच यह आयोजन धार्मिक उत्साह के साथ-साथ राजनीतिक संदेशों का भी केंद्र बन गया।
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत जसपुर से करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज पाल के आवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। इसके बाद काशीपुर पहुंचकर उन्होंने मां बाल सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-शांति की कामना की।

चैती मेले के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने भजन सम्राट की प्रस्तुति में हिस्सा लिया। जैसे ही भजनों की स्वर लहरियां गूंजीं, पूरा पंडाल “जय माता दी” के नारों से गूंज उठा और माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि चैती मेला हमारी सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और लोक आस्था का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने मेले में आए श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए सभी को शुभकामनाएं दीं और माता बाल सुंदरी से प्रदेश के कल्याण की प्रार्थना की।
इस अवसर पर उन्होंने चैती मेला कोष से मंदिर के सौंदर्यीकरण और परिसर विकास की घोषणा करते हुए इसे एक भव्य धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह मेला न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के लिए भी नई संभावनाएं पैदा करता है।

राजनीतिक संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और सांस्कृतिक पहचान—दोनों को साथ लेकर चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सख्त कानून व्यवस्था लागू की गई है और धर्मांतरण विरोधी, दंगारोधी व नकल विरोधी कानूनों के जरिए व्यवस्था को मजबूत किया गया है। उन्होंने “लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद” जैसी प्रवृत्तियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात दोहराई।
उन्होंने काशीपुर में चल रही विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, हाईवे चौड़ीकरण, मिनी बाईपास, पेयजल और सीवरेज जैसी योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही औद्योगिक हब और अरोमा पार्क जैसी परियोजनाएं क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार काशीपुर को औद्योगिक नगरी के साथ-साथ आस्था की नगरी के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और मां बाल सुंदरी मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर से जोड़ने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।
चैती मेले के मंच से दिया गया यह संदेश साफ था—आस्था के इस महासंगम के साथ विकास और सांस्कृतिक अस्मिता को भी नई दिशा देने की तैयारी है।
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
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