काशीपुर में किसानों की मेहनत खेतों में लहलहा रही है, लेकिन सरकारी सिस्टम की सुस्ती उनके पसीने पर भारी पड़ती नजर आ रही है। गेहूं खरीद केंद्र समय पर शुरू न होने से अब यह मुद्दा सियासी और सामाजिक चेतावनी बन चुका है।
बता दें कि महानगर कांग्रेस जिला अध्यक्ष अलका पाल ने सरकार और प्रशासन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि हर वर्ष 1 अप्रैल से गेहूं क्रय केंद्र शुरू होने की परंपरा के बावजूद इस बार अब तक केंद्रों का न खुलना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में किसानों ने गेहूं की कटाई भी शुरू कर दी है, लेकिन खरीद केंद्र बंद होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अलका पाल ने बताया कि पिछले वर्ष मंडी में 14 और ग्रामीण क्षेत्रों में 4 क्रय केंद्र संचालित किए गए थे, लेकिन इस बार अब तक न तो मंडी में और न ही ग्रामीण क्षेत्रों में कोई व्यवस्था दिखाई दे रही है। यह स्थिति न केवल किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ है, बल्कि उनकी मेहनत और आय पर सीधा आघात भी है।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही गेहूं क्रय केंद्र शुरू नहीं किए गए तो कांग्रेस किसानों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी।
साथ ही उन्होंने समाज से भी अपील की कि किसानों की समस्याओं को केवल उनका निजी मुद्दा न समझा जाए, बल्कि यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी अनदेखी कहीं न कहीं हर नागरिक को प्रभावित करती है।
अलका पाल ने प्रशासन से तत्काल मंडी और ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय केंद्र शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य और समय पर खरीद सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सम्पादक काशी क्रांति हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र
कार्यालय – इस्लामनगर बसई, थाना कुंडा, काशीपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखण्ड
संपर्क – 99279 76675
